Chapter 13: बाज और साँप

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Teacher Explains

लघु कथा विश्लेषण
📌 साँप का अकेला जीवन📌 पहाड़ और समुद्र📌 घायल चील का आगमन📌 साँप की प्रतिक्रिया

✨ साँप का अकेला जीवन

एक सांप का एकाकी जीवन
एक सांप का एकाकी जीवन

समुद्र के किनारे एक ऊँचे पहाड़ के पास एक अंधेरी गुफा में एक साँप रहता था। अशांत समुद्री लहरें धूप में चमकती थीं, जो दिन भर चट्टानों से टकराती रहती थीं।

✨ पहाड़ और समुद्र

पहाड़ और समुद्र
पहाड़ और समुद्र

एक नदी पहाड़ की अंधेरी घाटियों से होकर बहती थी, जो समुद्र की ओर बढ़ते हुए तेज़ आवाज़ के साथ अपने रास्ते में आने वाली चट्टानों को तोड़ती थी। जहाँ नदी समुद्र से मिलती थी, वहाँ लहरें दूध के झाग जितनी सफेद दिखती थीं।

✨ घायल चील का आगमन

एक घायल चील का आगमन
एक घायल चील का आगमन

अपनी गुफा के अंदर से, साँप सब कुछ देखता था—लहरों की दहाड़, आकाश में छिपी पहाड़ियाँ, टेढ़ी-मेढ़ी नदी का गुस्सा भरा शोर। वह अपने दिल में खुश था, सभी हलचल के बावजूद संतुष्ट और सुरक्षित महसूस कर रहा था। कोई उसे नुकसान नहीं पहुँचा सकता था। सभी से दूर, उसे दुनिया की भागदौड़ से कोई लेना-देना नहीं था। साँप के लिए, यही सबसे बड़ी खुशी थी।

✨ साँप की प्रतिक्रिया

सांप की प्रतिक्रिया
सांप की प्रतिक्रिया

एक दिन, अचानक, खून से लथपथ एक चील आकाश से साँप की गुफा में गिर गई। उसकी छाती कई चोटों से ढकी हुई थी, उसके पंख खून से सने हुए थे, और वह ज़ोर-ज़ोर से अपनी अंतिम साँसें ले रही थी। जैसे ही वह ज़मीन पर गिरी, वह दर्द से कराह उठी और अपने पंखों को फड़फड़ाते हुए छटपटाने लगी। साँप डर से अपने कोने में सिकुड़ गया। लेकिन अगले ही पल, उसे एहसास हुआ कि चील अपनी अंतिम साँसें गिन रही है और उससे डरने की कोई ज़रूरत नहीं है। इस विचार के साथ, साँप ने अपनी हिम्मत जुटाई और घायल पक्षी की ओर रेंगने लगा।

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